देश के लिए काम आना जीवन का सबसे बड़ा अभिमान होता है- बिट्टा

प्रशासन

देश भक्ति के रंग में रंग गया जिला उद्योग संघ परिसर

बीकानेर // अपनी आजादी जो हम हरगिज मिटा सकते नहीं सर कटा सकते है लेकिन सर झुका सकते नहीं, ऐ मेरे वतन के लोगों तुम याद करो कुर्बानी मेरे देश की धरती सोना उगले , उगले हीरे मोती मेरे देश की धरती जैसे देश भक्ति से सराबोर इन गीतों की स्वर लहरियों ने राष्ट्र प्रेम का शानदार मंजर पैदा कर दिया। अवसर था स्वाधीनता दिवस के पूर्व आयोजित कार्यक्रम इबादत इतिहास की जिसमें बीकानेर जेल बैंड के कलाकारों ने अपनी गायिकी और अभिनय से सब को मंत्र मुग्ध कर दिया। बैंड में शामिल बंदियों की प्रस्तुतियां अत्यंत सजीव और प्रभावशाली थी ,जिन्हें देखकर प्रत्येक दर्शक रोमांचित हो गया।

कार्यक्रम के मुख्य अतिथि मनिंदर जीत सिंह बिट्टा जिंदा शहीद ने अपने संबोधन में कहा कि देश को आजादी दिलाने में हजारों लाखों शहीदों की शहादत का योगदान है। न जाने कितने भारतीयों ने खुद को उत्सर्ग कर दिया तब जाकर के कहीं देश को स्वाधीनता नसीब हुई। वर्तमान समय में अनेक चुनौतियां हैं आज चुनौतियों के साथ में आम भारतीय को राष्ट्र प्रथम की भावना के साथ में काम करना होगा । हम जिस आजादी की खुली हवा में सांस ले रहे हैं उसे पाने के लिए लाखों भारतीयों ने अपनी जान की बाज़ी लगाई है और इसीलिए हम सबको आजादी के महत्व को समझना होगा। शहीद ए आजम भगत सिंह, चंद्रशेखर आजाद, राजगुरु, अशफाक उल्ला खान, बाल गंगाधर तिलक, मंगल पांडे, झांसी की रानी लक्ष्मीबाई जैसे शहीदों ने हम सबको ब्रिटिश हुकूमत से लड़कर आजादी दिलाई। आज हम अपने शहीदों की शहादत को नमन करें और याद करें उनकी कुर्बानियों को जब उन्होंने हंसते-हंसते अपने सीने पर गोलियां खाई थी और फांसी के फंदे को चूम लिया था। यह बात जिला उद्योग संघ के सभागार में कहते कहते बिट्टा भावुक हो गए ।

बिट्टा ने कहा कि हमे पीएम नरेंद्र मोदी की तरह राष्ट्र प्रथम की यह सोच हमें अपनानी होगी और उसके लिए हमें चाहे कितने भी कष्ट क्यों न सहन करने पड़े हमें सहने होंगे। उन्होंने प्रधानमंत्री मोदी की निडरता की जमकर तारीफ की।

इन्होंने भी रखे विचार

कार्यक्रम में संभागीय आयुक्त विश्राम मीणा ने स्वाधीनता दिवस के महत्व और हमारे शहीदों की शहादत के प्रति गर्व करने की बात की। इस मौके पर राष्ट्रीय संत महा त्यागी सरजू दास जी महाराज ने भी स्वाधीनता दिवस की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि स्वाधीनता केवल मनुष्य का ही नहीं चराचर जगत में प्रत्येक प्राणी का स्थाई भाव होता है कि वह स्वाधीन रहना चाहता है । वही कार्यक्रम के विशिष्ट अतिथि प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के अधिकारी राजकुमार मीणा ने भी आजादी के अर्थ और उसके महत्व को रेखांकित किया तो ब्रह्म गायत्री विद्या आश्रम सागर के अधिष्ठाता रामेश्वरानंद महाराज दाता श्री ने भी नगर निवासियों को शुभकामनाएं दी और इतिहास के इबादत करने की बात की इतिहास के पन्नों में जिन स्वाधीनता सेनानियों ने अथक कष्ट सहन करते हुए अपने प्राणों की आहुतियां दे दी उनके प्रति हमें कृतज्ञ होना चाहिए। कार्यक्रम की शुरुआत जिला उद्योग संघ के अध्यक्ष डीपी पचीसिया ने अतिथियों का स्वागत करते हुए कहा कि हमारे लिए सौभाग्य की बात है कि जिंदा शहीद के नाम से मशहूर मनिंदरजीत सिंह जी बिट्टा स्वाधीनता दिवस के पर्व पर हम सब का संबल बढ़ाने के लिए हमारे बीच में पधारे हैं।

नेत्रहीन विद्यार्थियों की प्रस्तुति ने मन मोह लिया

कार्यक्रम में नेत्रहीन छात्रावासित विद्यालय के विद्यार्थियों ने भी देशभक्ति के गीत प्रस्तुत कर देश भक्ति का माहौल बना दिया। वही बीकानेर के गायक कलाकार एम रफीक कादरी ने भी देशभक्ति के गीत से सबको रोमांचित किया । कार्यक्रम में विशिष्ट उपलब्धियां को अर्जित कर अलग-अलग क्षेत्र में नगर का नाम गौरवान्वित करने वाले व्यक्तियों और संस्थाओं का सम्मान भी किया गया।

ये रहे मौजूद

कार्यक्रम में श्यामसुन्दर सोनी, नरेश मित्तल, सुरेंद्र जैन, कन्हैयालाल बोथरा, महेश कोठारी, के के मेहता, हरिकिशन डागा, अनंतवीर जैन, वीरेंद्र किराडू, विनोद बाफना, राजेश लदरेचा, सुरेंद्र बांठिया, विनोद गोयल, सुशील बंसल, कालूराम परिहार, अशोक गहलोत, पारस डागा, किशनलाल बोथरा, कमल बोथरा, राकेश जाजू, जे पी व्यास, सुरेश गुप्ता, राजकुमार पचीसिया, विजय चांडक, बनवारी लाल शर्मा, संजय गोयल, कुंदन मल बोहरा, दिलीप रंगा, शिवरतन पुरोहित, अश्विनी पचीसिया, निर्मल पारख, राजाराम सारडा, बलवंत डोगरा, किशन मूंधड़ा, टीकूराम चौधरी, अरविंद चौधरी, मोहित करनानी, परताराम चौधरी, विनोद जोशी, विपिन मुसरफ, अभिमन्यू जाजडा, पियूष सिंघी, डूंगर प्रजापत, शुभम लड्ढा, गौरव मूंधड़ा, आर.के. जाजडा सहित अनेक गणमान्य उपस्थित थे। कार्यक्रम का संचालन रविंद्र हर्ष और ज्योति प्रकाश रंगा ने किया कार्यक्रम में सावन पारीक का विशिष्ट सम्मान किया गया। अतिथियों का आभार और धन्यवाद वीरेंद्र किराडु ने दिया ।