




बीकानेर // भले ही बाला गवर की विदाई हो गई हो मगर शहर में बारहमासी गणगौर व धींगा गवर का पूजन शुरू हो गया है जो दिनों दिन परवान चढ़ गया है। शहर के अनेक घरों व मोहल्लों में शाम गहराने से लेकर देर रात तक इन दिनों संगीतमयी गणगौर के गीत गाए जा रहे हैँ। इसी कड़ी में शहर के पुगलियों की गली एरिया में स्थित हर्ष सदन में बीती रात गणगौर गीत गूंजे। यहां मरूनायक भक्त् मंडल की पार्टी के कलाकारों ने समा बांध दिया। नगाडों, ढोलक व हारमोनियम की संगत के साथ गणगौर माता के एक से एक उम्दा गीत पेश किए जिस पर महिलाएं जमकर थिरकीं। गणगौर माता की मूर्ति के आगे घूमर व नृत्य करना गणगौर माता को रिजाने का एक रिवाज है। इस परम्परा को यहां बखूबी निभाया गया।
आयोजक नूतन हर्ष ने बताया कि मरूनायक भक्त मंडल के अजय कुमार देराश्री के नेतृत्व में उनकी टीम के सदस्य आशीष जोशी, सुनील देराश्री, हरगोपाल चूरा, अशोक जोशी, नरेश जोशी, राजा जोशी ने गीतों की प्रस्तुति दी। इस कार्यक्रम में आस पास की महिलाओं सहित परिवार की महिलाओं ने बढ चढकर हिस्सा लिया। फिर गणगौर माता को भोग लगाया गया और भक्तों में प्रसाद वितरित किया गया। अंत में नूतन हर्ष के नेतृत्व में विकास हर्ष, घनश्याम आचार्य, रामकुमार, विकास हर्ष, रविन्द्र हर्ष व राहुल हर्ष आदि ने मरूनायक भक्त मंडल की टीम का अभिनंदन किया। गौरतलब है कि बीकानेर के अनेक मोहल्लों में पुरूष टीम ही गणगौर के गीत गाती है जबकि महिलाएं गीतों पर नृत्य करती है। अभी लगातार दस दिनों तक धींगा गवर का पूजन होगा। इस बीच बारहमासी गणगौर की खोल भराई रस्म भी होगी जब महिलाएं अपनी अपनी गणगौरों को मोहल्लों में लेकर निकलेगी और उन्हें नगर भ्रमण कराकर खोल भराई की रस्म अदा की जाएगी।



