


बीकानेर | निजी स्कूलों से जुड़े विभिन्न मुद्दों के समाधान को लेकर गुरुवार को माध्यमिक शिक्षा निदेशक सीताराम जाट और प्राईवेट स्कूल्स फेडरेशन के 34 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल के बीच करीब एक घंटे तक सार्थक वार्ता हुई। बैठक में फीस बकाया होने पर बिना शुल्क टीसी जारी करने की बाध्यता, आरटीई भुगतान, परीक्षा परिणाम पोर्टल पर अपलोड करने, दोहरे नामांकन और मान्यता संबंधी प्रक्रियाओं सहित कई महत्वपूर्ण विषयों पर चर्चा हुई।
फेडरेशन के सचिव गिरिराज खैरीवाल के नेतृत्व में पहुंचे प्रतिनिधिमंडल ने आरटीई के तहत लंबित भुगतान, प्री-प्राइमरी कक्षाओं को भुगतान में शामिल करने, कोरोना काल के ऑफलाइन शिक्षण का भुगतान, यूनिट कॉस्ट बढ़ाने तथा भुगतान को समयबद्ध करने जैसी मांगें रखीं। निदेशक सीताराम जाट ने सभी बिंदुओं पर सकारात्मक रुख अपनाते हुए शीघ्र कार्ययोजना तैयार करने का आश्वासन दिया।
बैठक में फीस बकाया होने के बावजूद छात्रों को टीसी जारी करने की वर्तमान व्यवस्था पर भी विस्तार से चर्चा हुई। निजी स्कूल संचालकों ने इसे गंभीर समस्या बताते हुए समाधान की मांग की। इस पर निदेशक ने प्रतिनिधियों से सुझाव लेकर अधिकारियों को व्यवहारिक कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश दिए।
परीक्षा परिणाम को पीएस पोर्टल से जोड़ने के सुझाव पर भी निदेशक ने तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए। वहीं स्कूलों को फीस एवं नामांकन के आधार पर श्रेणियों में विभाजित करने, मान्यता एवं क्रमोन्नति प्रक्रिया को सरल बनाने तथा कोचिंग संस्थानों के संचालन समय को स्कूल समय के बाद निर्धारित करने जैसे विषयों पर भी विचार-विमर्श हुआ।
निदेशक ने बताया कि आरटीई के तहत प्री-प्राइमरी कक्षाओं के भुगतान का मामला केंद्र सरकार के समक्ष लंबित है और केंद्रीय दिशा-निर्देश मिलने के बाद ही इस पर अंतिम निर्णय लिया जा सकेगा। साथ ही आरटीई क्लेम बिल जनरेशन की प्रक्रिया भी जल्द शुरू करने का भरोसा दिया गया।
बैठक के अंत में प्रतिनिधिमंडल ने निदेशक सीताराम जाट का शॉल एवं अभिनंदन चिन्ह भेंट कर सम्मान किया। इस अवसर पर आरटीई की सहायक निदेशक चंद्रकिरण पंवार एवं मोहित मान भी उपस्थित रहे। फेडरेशन से जुड़े विभिन्न संगठनों के पदाधिकारियों और प्रदेशभर के निजी विद्यालय प्रतिनिधियों ने बैठक में भाग लिया।



