65वें वर्ष में बीकानेर जिला उद्योग संघ का संकल्प: अब नौकरी मांगने नहीं, नौकरी देने वाले युवा तैयार करेंगे

व्यापार

उद्योग-व्यापार को बढ़ावा देने के साथ नए उद्यमियों को विशेषज्ञ मार्गदर्शन, वरिष्ठ उद्यमियों का सम्मान और रोजगार सृजन पर रहेगा फोकस

बीकानेर // बीकानेर जिला उद्योग संघ औद्योगिक एवं व्यापारिक हितों के लिए कार्य करते हुए अपने 65वें वर्ष में प्रवेश कर चुका है। संघ ने इस महत्वपूर्ण पड़ाव पर उद्योगों के विस्तार, नए उद्यमियों को प्रोत्साहन और रोजगार के नए अवसर विकसित करने का संकल्प लिया है।

संघ के अध्यक्ष द्वारकाप्रसाद पचीसिया ने बताया कि संगठन हमेशा से बीकानेर के औद्योगिक और व्यापारिक हितों के लिए सक्रिय रहा है और जिले के प्रमुख औद्योगिक घराने इससे जुड़े हुए हैं। औद्योगिक एवं व्यापारिक गतिविधियों के साथ सामाजिक क्षेत्र में भी संघ ने अपनी विशेष पहचान बनाई है।

65वें वर्ष के अवसर पर संघ की ओर से बीकानेर जिला उद्योग संघ के इतिहास को समेटती स्मारिका का प्रकाशन करवाया जाएगा। साथ ही बीकानेर के औद्योगिक विकास में महत्वपूर्ण योगदान देने वाले वरिष्ठ उद्यमियों का सम्मान किया जाएगा।

पचीसिया ने बताया कि उद्योग एवं व्यापार को बढ़ावा देने के लिए विभिन्न राजकीय विभागों के साथ समन्वय स्थापित कर कार्यशालाओं का आयोजन किया जाएगा। इन कार्यशालाओं के माध्यम से युवाओं को उद्योग लगाने, सरकारी योजनाओं का लाभ लेने और उद्यम शुरू करने के लिए विशेषज्ञों का मार्गदर्शन उपलब्ध करवाया जाएगा।

नौकरी तलाशने वाले नहीं, नौकरी देने वाले बनें युवा

संघ का विशेष फोकस बीकानेर के युवाओं को ‘नौकरी करने का नहीं, नौकरी देने का वक्त’ की सोच के साथ उद्यमिता की ओर प्रेरित करने पर रहेगा। विशेषज्ञों के मार्गदर्शन में युवाओं को अपने उद्योग एवं व्यवसाय स्थापित करने के लिए प्रोत्साहित किया जाएगा, ताकि वे आत्मनिर्भर बनने के साथ अन्य युवाओं के लिए भी रोजगार के अवसर पैदा कर सकें।

इसके साथ ही जिले की सभी औद्योगिक इकाइयों के साथ बेहतर समन्वय स्थापित कर रोजगार की संभावनाओं को विकसित करने पर भी जोर दिया जाएगा। संघ का मानना है कि स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर बढ़ने से युवाओं का पलायन कम होगा और बेरोजगारी के कारण बढ़ रही आपराधिक गतिविधियों पर भी अंकुश लगाने में मदद मिलेगी।

ये रहे मौजूद

इस अवसर पर वरिष्ठ उद्योगपति कन्हैयालाल बोथरा, फोर्टी संभाग अध्यक्ष मनमोहन कल्याणी, अशोक सुराणा, नरेश मित्तल, श्यामसुंदर सोनी, वीरेंद्र किराडू, जगमोहन मोदी, सुरेंद्र बांठिया, अशोक गहलोत, पारस डागा, शिवरतन पुरोहित, किशनलाल बोथरा, बलवंत डोगरा, दिलीप रंगा, राजाराम सारडा, निर्मल पारख, विजय चांडक, राजीव शर्मा, भंवरलाल चांडक, रोहन चावला, मोहित करनानी, किशन मूंधड़ा, मनीष तापड़िया, पीयूष सिंघवी, मनीष नाहटा, विपिन मुसरफ, पिंटू राठी, अरविंद चौधरी सहित अनेक उद्योगपति एवं पदाधिकारी उपस्थित रहे।