




बीकानेर। सागर स्थित श्री ब्रह्म गायत्री सेवाश्रम में रविवार को आयोजित “श्री विश्व गुरुकृपा महोत्सव” राष्ट्र उन्नति, विश्व बंधुत्व एवं संकल्प दिवस के रूप में श्रद्धा और उत्साह के साथ मनाया गया। महोत्सव में हजारों श्रद्धालुओं ने भाग लेकर नशा मुक्त समाज, जल संचयन, गौ सेवा, पर्यावरण संरक्षण, सनातन संस्कृति और राष्ट्रभक्ति को जीवन का संकल्प बनाया।
महोत्सव के दौरान 451 वर्ष प्राचीन भगवान शिव का भव्य महारुद्राभिषेक, महायज्ञ एवं अमृत महाप्रसाद का आयोजन हुआ। श्रद्धालुओं को दुर्लभ एकमुखी रुद्राक्ष के दर्शन भी कराए गए। कार्यक्रम अनंत विभूषित राष्ट्र संत परम पूज्य दाताश्री रामेश्वरानंद जी महाराज के सानिध्य में संपन्न हुआ।
अपने शिव तत्व प्रवचन में दाताश्री ने कहा कि युवा ही राष्ट्र के भविष्य के सूत्रधार हैं। यदि युवा नशे से दूर रहकर संस्कार, सेवा और राष्ट्र निर्माण का मार्ग अपनाएंगे तो देश का भविष्य उज्ज्वल होगा। उन्होंने जल संरक्षण को समय की सबसे बड़ी आवश्यकता बताते हुए प्रत्येक नागरिक से वर्षा जल संचयन का संकल्प लेने का आह्वान किया। साथ ही गौ सेवा, वृक्षारोपण, स्वच्छता, बेटी शिक्षा, नारी सम्मान तथा भारतीय संस्कृति के संरक्षण का संदेश भी दिया।
कार्यक्रम के दौरान केंद्रीय मंत्री अर्जुन राम मेघवाल ने गुरु वंदना प्रस्तुत करते हुए भारतीय संस्कृति, अध्यात्म और गुरु परंपरा को राष्ट्र निर्माण की आधारशिला बताया। उन्होंने युवाओं से डिजिटल युग में समय का सदुपयोग करते हुए समाज और राष्ट्र के प्रति अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन करने का आह्वान किया।
इस अवसर पर शिक्षा, स्वास्थ्य, समाज सेवा, उद्योग एवं व्यवसाय के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान देने वाले भामाशाहों और प्रबुद्धजनों का सम्मान किया गया। शिक्षा क्षेत्र में प्रो. सुमेरचंद जैन एवं कैप्टन रामकरण भाकर (संस्कार स्कूल), स्वास्थ्य क्षेत्र में डी.पी. पच्चीसिया (सीएम मूंधड़ा मेमोरियल हॉस्पिटल), डॉ. बी.सी. घीया तथा डॉ. रामगोपाल कुमावत, भामाशाह के रूप में सीताराम भांभू (एसकेएल ग्रुप), रमेश अग्रवाल (हल्दीराम ग्रुप प्रतिनिधि) एवं राजेश चूरा, जबकि व्यवसाय क्षेत्र में विनोद गोयल (रिद्धि-सिद्धि रिसॉर्ट) को सम्मानित किया गया।
समारोह में बीकानेर संभागीय आयुक्त विश्राम मीणा, सरपंच रामदयाल गोदारा सहित अनेक गणमान्य नागरिक, संत-महात्मा, समाजसेवी एवं बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे। कार्यक्रम का सफल संचालन एवं संयोजन पं. आशीष शास्त्री ने किया तथा आयोजन ब्रह्म गायत्री सेवाश्रम संस्था परिवार के सहयोग से संपन्न हुआ।



