


अखिल भारतीय राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ के एकदिवसीय कार्यशाला आयोजित
बीकानेर। अखिल भारतीय राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ राजस्थान विद्यालय शिक्षा, बीकानेर के संयोजन में रविवार को राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय पवनपुरी दक्षिण विस्तार, बीकानेर परिसर में ‘हमारा विद्यालय हमारा तीर्थ’ एवं ‘प्रभावी प्रार्थना सभा’ विषय पर एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया गया। अतिरिक्त जिला मंत्री मोहम्मद फैसल ने बताया कि कार्यशाला में जिले के विभिन्न खंडों से आए 40 शिक्षकों ने सहभागिता की। प्रत्येक खंड से चार शिक्षकों ने भाग लिया।
कार्यशाला के प्रथम सत्र में प्रभावी प्रार्थना सभा के माध्यम से विद्यार्थियों की रुचि बढ़ाने, विद्यालय के प्रति आकर्षण विकसित करने तथा भारतीय संस्कृति एवं संस्कारों को बढ़ावा देने पर चर्चा की गई।
प्रार्थना सभा के जिला समन्वयक सुरेश खेशवानी ने प्रार्थना सभा को विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास का महत्वपूर्ण माध्यम बताते हुए इसे अधिक प्रभावी एवं आकर्षक बनाने पर जोर दिया।
मुख्य वक्ता प्रदेश सचिव महिला श्रीमती चन्द्रकला ने विद्यार्थियों में संस्कार, अनुशासन एवं नैतिक मूल्यों के विकास में प्रार्थना सभा की भूमिका पर विचार व्यक्त किए।
अतिथि उर्वशी शर्मा ने संगठन एवं आयोजन के महत्व पर प्रकाश डालते हुए शिक्षकों से ऐसे कार्यक्रमों में सक्रिय सहभागिता का आह्वान किया।
अध्यक्षता करते हुए ऐसीबीईओ कैलाश दान ने विद्यालय बदलाव की सुगन्ध अगरबती की तरह सम्पूर्ण समाज को मिले इस ओर शिक्षक को कार्य करना चाहिए। प्रथम सत्र का संचालन श्रीराम खिलेरी ने किया।

द्वितीय सत्र में मुख्य वक्ता प्रदेश सचिव रवि आचार्य ने ‘हमारा विद्यालय हमारा तीर्थ’ विषय पर विचार व्यक्त करते हुए कहा कि विद्यालय केवल शिक्षा प्राप्त करने का स्थान नहीं, बल्कि संस्कार, संस्कृति एवं व्यक्तित्व निर्माण का केंद्र होना चाहिए। विद्यालय को ऐसा तीर्थ बनाया जाए, जहां विद्यार्थियों के साथ अभिभावकों का भी आत्मीय जुड़ाव हो तथा विद्यार्थी स्वयं विद्यालय की पहचान और आवाज बनें।
जिलामंत्री बबीता वर्मा ने कहा कि विद्यार्थियों के शैक्षिक स्तर में अंतर को ध्यान में रखते हुए कमजोर विद्यार्थियों के लिए अतिरिक्त शिक्षण व्यवस्था की जाकर आत्मविश्वास को बनाए रखने में प्रयासरत रहना चाहिए जिससे आम अभिभावक को शिक्षक के प्रति समान भाव बढ़ेगा। महापुरुषों की जीवनियों को शिक्षण एवं प्रार्थना सभा का अभिन्न अंग बनाया जाए तथा विद्यार्थियों को पर्यावरण संरक्षण के प्रति प्रेरित किया जाए।
जिला उपाध्यक्ष श्रीराम खिलेरी ने ‘एक शिक्षक एक वृक्ष, एक विद्यार्थी एक पौधा’ अभियान की प्रभावी क्रियान्विति पर जोर देते हुए विद्यालयों को संस्कारवान, पर्यावरण के प्रति जागरूक एवं गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के केंद्र बनाने का आह्वान किया।
इस सत्र का संचालन अनिल सोनी ने किया तथा मनोज लखेरा ने आभार व्यक्त किया।
तृतीय सत्र में जिलाध्यक्ष दानाराम भादू ने ‘हमारा विद्यालय हमारा तीर्थ’ विषय पर अपने विचार रखते हुए विद्यालयों को विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास एवं संस्कार निर्माण का केंद्र बनाने की आवश्यकता बताई।
कार्यशाला इस सत्र की अध्यक्षता विमला सोनी ने करते हुए शिक्षकों से कार्यशाला में प्राप्त विचारों एवं अनुभवों को विद्यालयों में क्रियान्वित करने का आह्वान किया।
अंत में मोहम्मद रमजान ने सभी अतिथियों, वक्ताओं एवं प्रतिभागियों का आभार व्यक्त किया।
कार्यशाला में विनोद पुनिया,अमित गुरिया, जामनत सिंह, बगसाराम, दयाशंकर शर्मा, प्रेमचंद, मीरां वर्मा, प्रेमचंद, सुभाष सोनी, सूर्यप्रकाश,विकास पंवार,अशोक कुमार,रचना सहारनं शिक्षकों ने विद्यालयों में प्रभावी प्रार्थना सभा के संचालन, विद्यार्थियों की सक्रिय सहभागिता तथा विद्यालयों को संस्कार एवं संस्कृति के केंद्र के रूप में विकसित करने संबंधी विचारों का आदान-प्रदान किया।



