



प्रज्ञालय संस्थान की शोकसभा में वक्ताओं ने कहा— उनका व्यक्तित्व और कृतित्व आने वाली पीढ़ियों के लिए रहेगा प्रेरणास्रोत
बीकानेर। नगर के वरिष्ठ साहित्यकार, शिक्षाविद् एवं संस्कृतिकर्मी स्वर्गीय मदनमोहन व्यास ‘एस.पी.’ को मंगलवार को प्रज्ञालय संस्थान, बीकानेर की ओर से लक्ष्मीनारायण रंगा सृजन सदन में आयोजित शोकसभा में भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की गई। कार्यक्रम में साहित्य, शिक्षा और संस्कृति जगत से जुड़े अनेक गणमान्य लोगों ने उनकी सेवाओं को याद करते हुए उन्हें बहुआयामी व्यक्तित्व का धनी बताया।
शोकसभा की अध्यक्षता साहित्यकार कमल रंगा ने की। उन्होंने कहा कि राजस्थानी भाषा, साहित्य और लोक संस्कृति के संरक्षण एवं संवर्धन में स्व. व्यास का योगदान सदैव स्मरणीय रहेगा। साहित्यकार मालचंद तिवाड़ी ने उन्हें सरल शिक्षक, जिज्ञासु शोधकर्ता और संवेदनशील समाजसेवी बताते हुए कहा कि उनका मौन समर्पण नई पीढ़ी को प्रेरित करता रहेगा। नंदकिशोर सोलंकी ने कहा कि स्व. व्यास ने करीब 35 वर्ष पूर्व गैर-सरकारी स्तर पर शिक्षकों के सम्मान की परंपरा शुरू कर नई मिसाल कायम की।
मधु आचार्य, राजेश रंगा सहित कई वक्ताओं ने शिक्षा, साहित्य और सामाजिक क्षेत्र में उनके उल्लेखनीय योगदान को याद किया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में साहित्यकारों, शिक्षाविदों और संस्कृतिकर्मियों ने उनके चित्र पर पुष्प अर्पित कर श्रद्धांजलि दी तथा दो मिनट का मौन रखकर दिवंगत आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की।



