



ढाई घंटे अलगाववादियों से मुठभेड़ में सीने पर खाईं थीं सात गोलियां, देश की रक्षा में दिया था सर्वोच्च बलिदान; विद्यार्थियों को मिलेगी छात्रवृत्ति
बीकानेर // स्कूल शिक्षा विभाग, राजस्थान सरकार ने रानी बाजार औद्योगिक क्षेत्र स्थित राजकीय उच्च प्राथमिक विद्यालय का नामकरण बीकानेर के वीर सपूत शहीद मेजर कृष्ण गोपाल सिंह के नाम पर करने की अनुमति दे दी है। मेजर कृष्ण गोपाल सिंह बीकानेर से भारतीय सेना में अधिकारी के रूप में शामिल होने वाले शुरुआती नागरिकों में शामिल थे।
भारतीय सेना के एक ऑपरेशन के दौरान अलगाववादियों से करीब ढाई घंटे तक चली मुठभेड़ में मेजर कृष्ण गोपाल सिंह के सीने में सात गोलियां लगीं। इसके बावजूद उन्होंने अदम्य साहस और बहादुरी का परिचय देते हुए देश और आम नागरिकों की रक्षा के लिए सर्वोच्च बलिदान दिया।
शहीद मेजर कृष्ण गोपाल सिंह स्मृति न्यास के डॉ. विकास ने बताया कि विद्यालय के नामकरण की प्रक्रिया लंबी और जटिल रही। विभिन्न सरकारी विभागों के बीच पत्रावलियों के आवागमन और औपचारिकताओं को पूरा करने में काफी समय लगा। लंबे इंतजार के बाद अब विद्यालय का नाम शहीद मेजर कृष्ण गोपाल सिंह के नाम पर करने की अनुमति मिली है। अब पूरे 60 साल बाद उनका सम्मान मिला है।
उन्होंने कहा कि शहादत की तारीख पुरानी हो सकती है, लेकिन देश के लिए दिया गया बलिदान कभी पुराना नहीं होता। शहीद की स्मृति को नई पीढ़ी तक पहुंचाने की दिशा में विद्यालय का नामकरण महत्वपूर्ण कदम है।
डॉ. विकास ने बताया कि धनराज कमलेश सहारण फाउंडेशन की प्रोफेसर डॉ. अलका सहारण के सहयोग से शहीद मेजर कृष्ण गोपाल सिंह की स्मृति में विद्यालय के विद्यार्थियों को छात्रवृत्ति भी दी जाएगी। इससे शहीद की स्मृति के साथ विद्यार्थियों को शिक्षा के क्षेत्र में प्रोत्साहन मिलेगा।



