राजकीय मंडल पुस्तकालय विकास समिति शिष्टमंडल ने बीकाजी ग्रुप के चेयरमैन दीपक अग्रवाल से की शिष्टाचार भेंट

शिक्षा

विद्यार्थियों का सही मार्गदर्शन किया जाना आवश्यक–दीपक अग्रवाल.

बीकानेर // म्यूजियम सर्कल स्थित राजकीय सार्वजनिक मंडल पुस्तकालय विकास समिति के एक शिष्टमंडल ने शारदीय नवरात्र की पूर्व संध्या पर बीकाजी फूड इंटरनेशनल, करणी इंडस्ट्रियल एरिया परिसर में बीकाजी ग्रुप के चेयरमैन दीपक अग्रवाल से आत्मिक-शिष्टाचार भेंट की।

पुस्तकालय विकास समिति के अध्यक्ष एवं मंडल पुस्तकालयाध्यक्ष विमल कुमार शर्मा ने यह जानकारी देते हुए बताया कि पुस्तकालय विकास समिति के सदस्य पूर्व प्रिंसिपल, चिंतक व लेखक प्रोफेसर डॉ. नरसिंह बिनानी के नेतृत्व में इस शिष्टाचार भेंट के दौरान श्री दीपक अग्रवाल को मंडल पुस्तकालय द्वारा संचालित विभिन्न गतिविधियों की विस्तृत जानकारी दी गई।

पुस्तकालय विकास समिति के अध्यक्ष एवं मंडल पुस्तकालयाध्यक्ष विमल कुमार शर्मा ने बताया कि मंडल पुस्तकालय द्वारा बीकानेर शहर के ह्रदयस्थल केईएम रोड पर विगत करीब 80 वर्षों से एक “नगर वाचनालय” का संचालन भी किया जा रहा है। इसमें पाठकों को प्रतिदिन समाचार पत्र, पत्रिकाएं आदि पढ़ने की सुविधाएं शहर के अंदरूनी हिस्से में प्राप्त हो रही हैं। इससे बुजुर्गों, महिलाओं, स्कूली विद्यार्थियों, बच्चों, दिव्यांग जनों आदि जैसे पाठकों को म्यूजियम सर्कल स्थित मंडल पुस्तकालय तक आने-जाने की आवश्यकता नहीं रहती है।

इस भेंट के दौरान शिष्टमंडल के सदस्यों ने मंडल पुस्तकालय के अंतर्गत संचालित “नगर वाचनालय” के पुनरोद्धार हेतु बीकाजी ग्रुप से आर्थिक सहयोग का अनुरोध किया। दीपक अग्रवाल ने तुरंत इस पर सहर्ष स्वीकृति प्रदान करते हुए पूर्ण सहयोग का आश्वासन दिया। इस अवसर पर शिष्टमंडल के सदस्यों द्वारा दीपक अग्रवाल को उनके शानदार फोटो का आकर्षक “फोटो फ्रेम” भेंट कर स्वागत व अभिनंदन किया गया व शारदीय नवरात्र की हार्दिक शुभकामनाएं दी गई।

इस अवसर पर बीकाजी ग्रुप के चेयरमैन दीपक अग्रवाल ने कहा कि मंडल पुस्तकालय बीकानेर में शिक्षा के क्षेत्र की शान है। इस अवसर पर उन्होंने अपने स्कूली शिक्षा से लेकर उच्च शिक्षा के दौरान पुस्तकों, पुस्तकालयों, वाचनालयों, डिक्शनरीज आदि के महत्व को रेखांकित किया। उन्होंने कहा कि आज के विद्यार्थी कुशाग्र व बुद्धिमान है। ऐसे विद्यार्थियों का पैरेंट्स व शिक्षकों द्वारा सही मार्गदर्शन किया जाना आवश्यक है।