राज्य सरकार सर्वोच्च न्यायालय के निर्णय के अनुसार ठोस कार्रवाई शीघ्र करे : कमल रंगा
शिक्षण सामग्री राजस्थानी भाषा में ही हो, न की बोलियों में : कमल रंगा बीकानेर // राजस्थानी युवा लेखक संघ एवं प्रज्ञालय संस्थान द्वारा वर्ष 1980 से करीब साढ़े चार दशकों से राजस्थानी भाषा की संवैधानिक मान्यता, संवैधानिक प्रावधानों के चलते प्रदेश की दूसरी राज भाषा घोषित करवाना एवं वर्ष 1982 से निरंतर मातृभाषा राजस्थानी […]
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