


पीबीएम अस्पताल में एमआरआई-सीटी स्कैन के नए टेंडर में प्रतीक्षा हाल शामिल करने पर उठा विवाद
अधीक्षक ने खाली जगह उपयोग में लेने का दिया आश्वासन
बीकानेर // संभाग के सबसे बड़े अस्पताल पीबीएम में मेडिसन आईसीयू के पास संचालित एमआरआई एवं सीटी स्कैन जांच के नए टेंडर की शर्तों में मरीजों के परिजनों के लिए बने प्रतीक्षा हाल को शामिल किए जाने का मामला तूल पकड़ गया है। टेंडर दस्तावेज में प्रतीक्षा हाल का नक्शा संलग्न किए जाने की जानकारी सामने आते ही समाजसेवियों और जनप्रतिनिधियों ने इसका विरोध जताया।

समाजसेवी रूपकिशोर व्यास एवं कांग्रेस नेता अरुण व्यास के नेतृत्व में एक शिष्टमंडल ने पीबीएम अधीक्षक डॉ. बीसी घीया से मुलाकात कर आपत्ति दर्ज करवाई। शिष्टमंडल ने कहा कि दानदाताओं के सहयोग से निर्मित यह प्रतीक्षा हाल मरीजों के परिजनों की सुविधा के लिए बनाया गया था, ऐसे में इसे अन्य उपयोग में लेना उचित नहीं है।
समाजसेवी रूपकिशोर व्यास उर्फ रूपा महाराज ने कहा कि प्रशासन ने यह नहीं सोचा कि मेडिसन आईसीयू में भर्ती मरीजों के परिजन आखिर कहां बैठेंगे और रात्रि विश्राम कहां करेंगे। वहीं अरुण व्यास ने कहा कि पीबीएम प्रशासन को ठेकेदार फर्म की सुविधा के बजाय मरीजों और आमजन की जरूरतों को प्राथमिकता देनी चाहिए। उन्होंने बताया कि 20 बेड वाले मेडिसन आईसीयू के पास यह एकमात्र प्रतीक्षा स्थल है।
शिष्टमंडल ने सुझाव दिया कि परिसर के पास खाली पड़ी और वर्तमान में कचरा डालने के काम आ रही जगह का उपयोग किया जाए। इसके बाद डॉ. बीसी घीया ने शिष्टमंडल के साथ मौके का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने माना कि प्रतीक्षा हाल को हटाने से मरीजों एवं परिजनों को असुविधा होगी। अधीक्षक ने टेंडर की शर्तों में संशोधन कर पास की खाली जगह उपयोग में लेने का मौखिक आश्वासन दिया।
इस दौरान कर्मचारी नेता लक्ष्मण पुरोहित, युवा कांग्रेस के रविकांत वाल्मीकि, सुनील बारसा, नरनारायण स्वामी, प्रकाश व्यास, अल्ताफ, भैरूरत्न बिस्सा, कमल सेवग, कैलाश सुथार और मुरली किराड़ू सहित अन्य मौजूद रहे।



