


राजस्थान प्राकृतिक चिकित्सा केंद्र को भेंट की बेंच-कुर्सियां, पौधारोपण कर दिलाया पर्यावरण संरक्षण का संकल्प
बीकानेर // विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर जैन महासभा की जैन महिला मंडल द्वारा राजस्थान प्राकृतिक चिकित्सा केंद्र, गंगाशहर रोड में सेवा, स्वास्थ्य एवं पर्यावरण संरक्षण से जुड़े विभिन्न कार्यक्रमों का आयोजन किया गया। इस अवसर पर महिला मंडल की ओर से केंद्र को 4 बेंच एवं 11 कुर्सियां भेंट की गईं तथा पौधारोपण कर पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया गया।

कार्यक्रम में जैन महासभा के अध्यक्ष कन्हैयालाल बोथरा, पूर्व महामंत्री मेगराज बोथरा, कार्यकारिणी सदस्यगण एवं भामाशाह बसंत नवलखा ने अपनी उपस्थिति दर्ज कराते हुए महिला मंडल के कार्यों की सराहना की। उन्होंने कहा कि समाज सेवा एवं जनकल्याण से जुड़े ऐसे कार्य निरंतर होते रहने चाहिए।
जैन महिला मंडल की संयोजिका प्रेम नवलखा ने कहा कि यह कार्यक्रम सामूहिक सहयोग एवं सेवा भावना का श्रेष्ठ उदाहरण है। उन्होंने बताया कि महिला मंडल की बहनों ने उत्साहपूर्वक इस सेवा कार्य में भागीदारी निभाई। उन्होंने महिलाओं से सामाजिक गतिविधियों में सक्रिय भूमिका निभाने तथा नई पीढ़ी में सेवा, संस्कार और पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूकता विकसित करने का आह्वान किया।
राजस्थान प्राकृतिक चिकित्सा केंद्र के मंत्री बनवारीलाल शर्मा ने बताया कि केंद्र पिछले 75 वर्षों से प्राकृतिक चिकित्सा के माध्यम से लोगों को स्वास्थ्य लाभ पहुंचा रहा है। योगाचार्य रतन तंबोली ने योग के महत्व पर प्रकाश डाला, वहीं प्राकृतिक चिकित्सा विशेषज्ञ तान्या जायसवाल ने संतुलित जीवनशैली एवं प्राकृतिक चिकित्सा के महत्व की जानकारी दी। कार्यक्रम के दौरान सज्जन नाहर ने उपस्थितजनों को योगाभ्यास भी करवाया।
समाजहित एवं सेवा कार्यों में उल्लेखनीय योगदान के लिए राजस्थान प्राकृतिक चिकित्सा केंद्र की ओर से जैन महिला मंडल को “भामाशाह सम्मान” से सम्मानित किया गया। भाजपा जिला अध्यक्ष एवं महिला मंडल की कार्यकारिणी सदस्य सुमन छाजेड़ ने भी महिला शक्ति की सामाजिक भूमिका पर अपने विचार व्यक्त किए।
कार्यक्रम का संचालन संतोष बोथरा ने किया तथा अंत में अंजू बोथरा ने सभी अतिथियों एवं सहयोगियों का आभार व्यक्त किया। कार्यक्रम का समापन सेवा, स्वास्थ्य जागरूकता एवं पर्यावरण संरक्षण के संकल्प के साथ हुआ।



