गंगा तट पर गूंजेंगे वैदिक मंत्र, बीकानेर के सैकड़ों बालक धारण करेंगे यज्ञोपवित

धर्म-कर्म

10 जून तक आवेदन, ऋषिकेश में 17 से 20 जून तक आयोजित होगा चार दिवसीय यज्ञोपवित संस्कार शिविर

बीकानेर // हिन्दू संस्कृति के 16 प्रमुख संस्कारों में महत्वपूर्ण यज्ञोपवित संस्कार के लिए इस वर्ष भी गंगा तट पर राष्ट्रस्तरीय आयोजन किया जाएगा। ऋषिकेश स्थित गीता भवन द्वारा 17 से 20 जून तक चार दिवसीय निःशुल्क यज्ञोपवित संस्कार शिविर का आयोजन किया जाएगा, जिसमें बीकानेर सहित देशभर से सैकड़ों बालक एवं अभिभावक भाग लेंगे। बीकानेर क्षेत्र से लगभग 200 से 250 बालकों के यज्ञोपवित धारण करने की संभावना है।

श्री श्यामसुंदरजी महाराज ने बताया कि शिविर का उद्देश्य केवल यज्ञोपवित संस्कार संपन्न करवाना ही नहीं, बल्कि प्रतिभागियों को वैदिक जीवनशैली एवं धार्मिक परंपराओं का व्यावहारिक प्रशिक्षण प्रदान करना भी है। शिविर के दौरान त्रिकाल संध्या, बलि वैश्वदेव तथा अन्य वैदिक अनुष्ठानों का प्रशिक्षण दिया जाएगा।

उन्होंने बताया कि आयोजन में भाग लेने वाले सभी प्रतिभागियों के लिए आवास, भोजन एवं अन्य आवश्यक व्यवस्थाएं गीता भवन द्वारा निःशुल्क उपलब्ध कराई जाएंगी।

शिविर कार्यक्रम के अनुसार 16 जून को बीकानेर से ऋषिकेश के लिए प्रस्थान किया जाएगा। 17 जून को साक्षात्कार एवं मुंडन संस्कार, 18 जून को दशविध स्नान एवं प्रायश्चित संकल्प, 19 जून को यज्ञोपवित धारण संस्कार तथा 20 जून को त्रिकाल संध्या एवं बलि वैश्वदेव का प्रशिक्षण आयोजित होगा।

श्री श्यामसुंदरजी महाराज ने बताया कि इच्छुक अभिभावक एवं प्रतिभागी 10 जून तक अपना आवेदन जमा कर सकते हैं। अधिक जानकारी एवं पंजीकरण के लिए 8302461232 एवं 6377386050 पर संपर्क किया जा सकता है।

उन्होंने अधिकाधिक परिवारों से इस वैदिक एवं सांस्कृतिक आयोजन में भाग लेकर अपने बच्चों को भारतीय संस्कारों से जोड़ने का आह्वान किया।