


10 दिन तक ब्रजभूमि में देंगे गौसंरक्षण और सनातन संस्कृति का संदेश, 25 से अधिक संत-श्रद्धालु शामिल
बीकानेर। गंगाशहर-सुजानदेसर स्थित रामझरोखा कैलाशधाम के पीठाधीश्वर राष्ट्रीय संत श्री सरजूदास जी महाराज ने गौमाता को राष्ट्रमाता का दर्जा दिलाने और सनातन संस्कृति के संरक्षण का संकल्प लेकर शनिवार से 84 कोस ब्रजधाम पदयात्रा का शुभारंभ किया। यात्रा का शुभारंभ मथुरा के विश्राम घाट पर विधि-विधान एवं यमुना महारानी के पूजन-अर्चन के साथ हुआ।
श्री सरजूदास जी महाराज ने बताया कि लगभग 300 किलोमीटर लंबी यह पदयात्रा आगामी 10 दिनों तक ब्रजभूमि के विभिन्न तीर्थस्थलों से होकर गुजरेगी। यात्रा का उद्देश्य गौसंरक्षण, धर्म जागरण और सनातन संस्कृति के प्रति जनजागरण का संदेश जन-जन तक पहुंचाना है।
यात्रा में 25 से अधिक संत-महात्मा एवं श्रद्धालु शामिल हैं। इस दौरान पूज्य महंत श्री दीनबंधुदास जी महाराज (दिल्ली), श्री रघुवीरदास जी महाराज, श्री रामकुमारदास जी महाराज तथा श्री विजयदास त्यागी जी महाराज सहित अनेक संत-महात्माओं का सान्निध्य प्राप्त हो रहा है।
श्री सरजूदास जी महाराज ने कहा कि ब्रजभूमि की पावन रज में संचालित यह यात्रा समाज को गौसेवा, भारतीय संस्कृति और आध्यात्मिक मूल्यों के प्रति जागरूक करने का माध्यम बनेगी।




