



बीजेएस रामपुरिया जैन कॉलेज में हुआ सेमिनार
बीकानेर // ब.ज.सि. रामपुरिया जैन विधि महाविद्यालय सभागार में आज महाविद्यालय की रासेयो की दोनों ईकाईयों एवं अजित फाउण्डेशन, बीकानेर के संयुक्त तत्वाधान में एक दिवसीय सेमिनार ’बाल सरंक्षण कानूनों की जानकारी: आज की आवश्यकता’’ का आयोजन किया गया। जिसमेें मुख्य अतिथि एवं वक्ता के रूप में बाल कल्याण समिति के अध्यक्ष एडवोकेट जुगल किशोर व्यास तथा विशिष्ट अतिथि के रूप में बाल कल्याण समिति के सदस्य एडवोकेट जन्मेजय व्यास थे। कार्यक्रम में अतिथि के रूप में अजित फाउण्डेशन, बीकानेर के कार्यक्रम समन्वयक संजय श्रीमाली थे।
कॉलेज प्राचार्य डाॅ. अनन्त जोशी ने अतिथियों का स्वागत करते हुए सर्वप्रथम अजित फाउण्डेशन का आभार व्यक्त किया और कहा कि अजित फाउण्डेशन जो कि पिछले 28 वर्षो से सामाजिक और शैक्षणिक सुधार हेतु कार्य करते हुए प्रथम बार किसी महाविद्यालय स्तर पर अपना कार्यक्रम कर रहा है। जो कि हमारे महाविद्यालय के लिए एक गर्व का विषय है। साथ ही उन्होंने इस प्रकार के कार्यक्रमों की उपादेयता एवं सार्थकता के बारे में विद्यार्थियों को अवगत करवाया।
विद्यार्थी समाज को विधिक अधिकारों के लिए जागरूक करें- व्यास
कार्यक्रम में मुख्य वक्ता के रूप में बोलते हुए बाल कल्याण समिति के अध्यक्ष एडवोकेट जुगल किशोर व्यास ने स्वयंसेवकों को बालकल्याण से सम्बन्धित विभिन्न कानूनी प्रावधानों से अवगत कराया जिसमें मुख्य रूप से किशोर न्याय अधिनियम, पाॅक्सो एक्ट के बारे में जानकारी देते हुए उन्हें जागरुक करने का प्रयास किया। उन्होंने कहा कि महाविद्यालय के स्वयंसेवक जो कि एक विधि विद्यार्थी भी है समाज में जाकर समाज के लोगों में विधि के प्रति जागरूकता पैदा करे। उन्हें अपने मूलभूत तथा विधिक अधिकारों के बारे में सचेत करे। कार्यक्रम को सम्बोधित करते हुए बालकल्याण समिति के सदस्य एडवोकेट जन्मेजय व्यास ने अपने उद्बोधन में वर्तमान में बालकों पर बढते अपराधों पर चिंता व्यक्त करते हुए उनके कारणों तथा उनके विधिक उपचारों तथा रोकथाम के उपायों के बारे में स्वयंसेवकों को अवगत करवाया।
कार्यक्रम में अजीत फाउण्डेशन, बीकानेर के प्रतिनिधि संजय श्रीमाली ने स्वयंसेवकों को पिछले 28 वर्षो से अजीत फाउण्डेशन, बीकानेर के द्वारा किए गए विभिन्न सामाजिक सरोकार के कार्यो तथा उनकी कार्यप्रणाली के बारे में बताते हुए कहा कि स्वयंसेवक विधि विद्यार्थी तथा समाज के जागरूक नागरिक होने के नाते इस प्रकार की संस्थाओं से जुडकर अपना व्यक्तित्व विकास भी कर सकते है। साथ ही समाज में लोगों में विभिन्न प्रकार से जागरूकता पैदा कर सकते है। उन्होंने विधि विद्यार्थियों का आह्वान किया कि उनको सामाजिक सरोकारों के माध्यम से समाज में कार्य करना चाहिए।
कार्यक्रम के अन्त में महाविद्यालय में पधारे अतिथियों का संविधान की प्रस्तावना की प्रति भेंट की गई। महाविद्यालय की व्याख्याता डाॅ. प्रीति कोचर ने अतिथियों का धन्यवाद ज्ञापित किया। कार्यक्रम में महाविद्यालय के व्याख्याता डाॅ. बालमुकुन्द व्यास, डाॅ. शराफत अली, डाॅ. प्रीति कोचर, डाॅ. पीयूष किराडू, श्रीमती सुनीता लूणिया, अंजुमन उस्ता, चेतना ओझा, राजश्री सुथार, मोहिता सिंह, राकेश रंगा, पवन सारस्वत तथा रासेयो की दोनों इकाईयों के स्वयंसेवक, विद्यार्थी उपस्थित थे। कार्यक्रम का संचालन महाविद्यालय के व्याख्याता डाॅ. रीतेश व्यास ने किया।



