

समाजसेवी हर्ष ने भेंट किए 10 कम्प्यूटर, अब लैब को आधुनिक सुविधाओं से भी करेंगे लैस
बीकानेर // शहर के पुष्करणा स्कूल में संचालित हो रही राजकीय बालिका सीनियर सैकण्डरी स्कूल की 183 छात्राओं के लिए आज का दिन बड़ी सौगात लेकर आया। तेजी से बदल रही तकनीकी शिक्षा में यहां अध्ययनरत छात्राएं लंबे समय से आधुनिक सुविधाओं से लैस कम्प्यूटर लैब की डिमांड कर रही थी मगर सरकारी स्तर पर उनका सपना साकार नहीं हो रहा था। कारण कि, यहां वर्ष 2011-12 के जमाने के कम्प्यूटर सैट लगे हुए थे मगर डिजिटल इंडिया के मापदण्डों के अनुरूप नहीं थे। ऐसे में कक्षा 9 से 12वीं स्तर की 183 बालिकाएं चाहते हुए भी कम्प्यूटर की तकनीकी शिक्षा हासिल करने के उपरांत भी उसमें दक्षता हासिल नहीं कर पा रही थी। इस आशय की पीड़ा जब शहर के भामाशाह व समाजसेवी चन्द्रेश हर्ष तक पहुंची तो उन्होंने निर्णय लिया कि वे बेटियों के लिए आगे आएंगे तथा उन्हें अत्याधुनिक कम्प्यूटर लैब की सुविधा प्रदान करेंगे। हर्ष ने महज चंद दिनों में ही बालिकाओं के इस बरसों पुराने सपने को साकार कर दिया और बुधवार को सुबह 11 बजे राजकीय बालिका सीनियर स्कूल बारहगुवाड़ में 10 कम्प्यूटर भेंट किए। इस दौरान उन्होंने कम्प्यूटरों को बेहतर तरीके से संचालित करने के लिए एक इर्न्वटर व बैटरी सहित एक आधुनिक प्रिंटर भी स्कूल को भेंट किया। इसे देख छात्राएं फूली नहीं समाई। इस दौरान एक स्कूल परिसर में आयोजित हुए इस कार्यक्रम में प्रिंसिपल विनिता तंवर के आग्रह पर समाजसेवी चन्द्रेश हर्ष ने हाथों हाथ ही नए 10 कम्प्यूटरों के लिए नई टेबल-कुर्सियां व 2 एसी लगाने की भी घोषणा कर दी। इस कार्यक्रम में यूआईटी के पूर्व चेयरमैन महावीर रांका भी मौजूद थे। उन्होंने भी हाथों हाथ ही स्कूल के शौचालय के डेनेज सिस्टम को ठीक कराने की घोषणा कर कल से ही काम शुरू करने का वादा किया।

बालिकाएं अपना टारगेट तय कर पढाई करें तो बनेगा भविष्य- चन्द्रेश हर्ष
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए भामाशाह चन्द्रेश हर्ष ने कहा कि बालिकाओं को यदि अपना भविष्य संवारना है तो उन्हें एक टारगेट तय कर पढाई में जुटना होगा। यहां मौजूद शिक्षिकाओं का सारा ज्ञान बालिकाओं को अर्जित करने का उद्देश्य लेकर चलना होगा। उन्होंने उदाहरण देकर समझाया कि आज मातृ शक्ति तेज गति से आगे बढ़ रही है पहले सदन में बजट पुरूष ही पेश करते थे मगर केंद्र सरकार तथा राज्य सरकार में अब बतौर वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण व दीयाकुमारी जैसी महिलाएं ही बजट पेश कर रही है। इसलिए बालिकाएं अपने आपको कमजोर न समझे। अंत में उन्होंने कहा कि यहां जो भी आवश्यकताएं होगी उन्हें हरहाल में पूरी करेंगे, बस बालिकाएं अपना लक्ष्य निर्धारित कर शिक्षा हासिल करने में कठोर मेहनत करे।

अब साकार होगा डिजिटल इंडिया का सपना- महावीर रांका
यूआईटी के पूर्व चेयरमैन महावीर रांका ने अपने उदबोधन में कहा कि चन्द्रेश हर्ष के प्रयासों से बारहगुवाड बालिका स्कूल में अब प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के डिजिटल इंडिया का सपना साकार होगा। इसका श्रेय चन्द्रेश जी को दिया जाएगा। उन्होंने बताया कि चन्द्रेश शिक्षा को लेकर शुरू से ही संवदेनशील रहे। उन्होंने अपने बच्चों को आधुनिक शिक्षा दिलाने के लिए खुद नौकरी से स्वैच्छिक रिटायरमेंट लिया और बच्चों को पढ़ाया। आज इनके दोनों लड़के गुड़गांव में अपनी कंपनी चलाते हैं और उनके अधीन 700 कर्मचारी काम कर रहे हैं। चार देशों में उनकी कंपनी डिजिटल प्लेटफॉर्म के रूप में अपनी शानदार परफोरमेंस दे रही है। उन्होंने बालिकाओं से मन लगाकर पढ़ने का आह्वान किया।

इन्होंने भी रखे विचार
इससे पहले भामाशाह चन्द्रेश हर्ष व महावीर रांका ने कम्प्यूटर लैब का फीता काटकर उद्धटन किया। कार्यक्रम का संचालन करते हुए वरिष्ठ उद्घोषक रविन्द्र हर्ष ने बताया कि चन्द्रेश जी बालिका शिक्षा को समर्पित व्यक्तित्व है। विगत 2 फरवरी को ही उन्होंने हर्षों के चौक में स्थित राजकीय बालिका स्कूल में छात्राओं के लिए डिजिटल बोर्ड, आरओ प्लांट तथा बड़ा इर्न्वटर भेंट किया है। उन्होंने बताया कि प्रेरक हर्षवर्द्धन हर्ष ने चन्द्रेश जी को बारहगुवाड स्कूल में संचालित कम्प्यूटर लैब् की दयनीय स्थिति से अवगत कराया तो उन्होंने तत्काल 11 कम्प्यूटर देने की घोषणा कर दी जो आज फलीभूत भी हो गई है। रविन्द्र हर्ष ने बताया कि चन्द्रेश हर्ष के सुपुत्र कुमार गौरव हर्ष की कंपनी सीएसआर समूह क्यूबेशन के सौजन्य से संभव हुआ है। समूचा हर्ष परिवार समय समय पर समाजोपयोगी काम करता आ रहा है। यह कंपनी चार देशों में संचालित हो रही है। कार्यक्रम के अंत में स्कूल प्रिसिंपल विनिता चौहान ने भामाशाह चन्द्रेश हर्ष का आभार ज्ञापित किया और उनका परिचय कराया। उन्होंने कहा कि यदि आज हमें कम्प्यूटर नहीं मिलते तो संभव है कि यह लैब ही हमेशा के लिए बंद हो जाती मगर भामाशाह हर्ष के प्रयासों से हमारी लैब को जीवनदान मिला है। उन्होंने भामाशाह के रूप में चन्द्रेश हर्ष व महावीर रांका का शॉल, साफा व माला पहनाकर अभिनंदन किया गया। इस दौरान शारीरिक शिक्षिका डॉ कृष्णा आचार्य ने अभिनंदन पत्र का वाचन किया। कम्प्यूटर अनुदेशक अंजली आचार्य ने बताया कि यहां बरसों पहले कम्प्यूटर लगे थे मगर वे नई तकनीक से लैस नहीं है। यहां पर 183 छात्राएं कम्प्यूटर शिक्षा जैसे विषय में पढाई कर रही है मगर अब आधुनिक कम्यूटर सैट आने से इन छात्राओं को बड़ी राहत मिलेगी और वे डिजिटल शिक्षा हासिल करने में सफल होगी।
ये भी रहे मौजूद
इस अवसर पर वाइस प्रिंसिपल निधि गुप्ता, वेणीगोपाल पुरोहित, ज्योति सारस्वत, मुकेश कुमार जेविरया, मोहिनी स्वामी, स्वरूपकुमार मोदी, मनोज कल्ला, यास्मिन बानो, रंजन शर्मा, सुमन शर्मा, माया थानवी, माया शर्मा, संजय मारू, मो. इरफान, मोनिका व्यास, ऋषिराज व प्रतिभा पांडे आदि मौजूद थे।



