


राजकीय विधि स्नातकोत्तर महाविद्यालय में ‘नई किरण @ भारत–नशामुक्त भारत अभियान’ के तहत कार्यशाला, विद्यार्थियों ने लिया नशामुक्त समाज निर्माण का संकल्प
बीकानेर । राजकीय विधि स्नातकोत्तर महाविद्यालय, बीकानेर में ‘नई किरण @ भारत–नशामुक्त भारत अभियान’ के तहत शुक्रवार को नशामुक्त भारत विषय पर एक दिवसीय जागरूकता कार्यशाला आयोजित की गई। कार्यक्रम की अध्यक्षता प्राचार्य डॉ. भगवान राम बिश्नोई ने की।
अपने अध्यक्षीय उद्बोधन में डॉ. बिश्नोई ने कहा कि नशे के दुष्प्रभाव व्यक्ति, परिवार और समाज तीनों के लिए घातक हैं। उन्होंने विद्यार्थियों का आह्वान किया कि वे स्वयं नशे से दूर रहें और समाज में जागरूकता फैलाकर अभियान को सफल बनाने में सक्रिय भूमिका निभाएं।
मुख्य अतिथि डॉ. श्याम सुंदर ज्याणी, एसोसिएट प्रोफेसर एवं समाजशास्त्र विभागाध्यक्ष, राजकीय डूंगर महाविद्यालय ने कहा कि नशे को केवल किसी पदार्थ के सेवन तक सीमित नहीं माना जा सकता। समाजशास्त्रीय दृष्टिकोण से यह व्यक्ति के अकेलेपन, तनाव, संगति और सामाजिक वातावरण से भी जुड़ा है। उन्होंने कहा कि कोई भी व्यक्ति जन्म से नशेड़ी नहीं होता, बल्कि परिस्थितियां उसे इस दिशा में ले जाती हैं। इसलिए परिवार, समाज और शिक्षण संस्थानों की जिम्मेदारी है कि वे युवाओं में सकारात्मक सोच, आत्मविश्वास और जीवन-मूल्यों का विकास करें।
कार्यक्रम के दौरान मुख्य अतिथि ने महिला नीति कार्यक्रम के अंतर्गत महाविद्यालय परिसर में वृक्षारोपण कर पर्यावरण संरक्षण का संदेश भी दिया। इस अवसर पर महिला नीति की समन्वयक डॉ. रेखा आचार्य उपस्थित रहीं।
कार्यक्रम का संचालन अभियान की महाविद्यालय प्रभारी डॉ. ऋतु चौधरी ने किया। मिशन लीडर की भूमिका प्राचार्य डॉ. भगवान राम बिश्नोई ने निभाई, जबकि डॉ. मल्लिका प्रवीण ने सह-समन्वयक के रूप में मार्गदर्शन किया। वहीं डॉ. शिव शंकर प्रयास ने कार्यक्रम की मीडिया कवरेज करते हुए जन-जागरूकता में मीडिया की भूमिका पर प्रकाश डाला।
कार्यक्रम में महाविद्यालय के शैक्षणिक एवं अशैक्षणिक स्टाफ के साथ बड़ी संख्या में विद्यार्थियों ने भाग लिया। अंत में सभी ने नशामुक्त भारत के निर्माण में सक्रिय योगदान देने का सामूहिक संकल्प लिया।



