



राज्यपाल बोले—भारतीय कलाओं को समझने की मिलेगी नई दृष्टि
जयपुर // राज्यपाल हरिभाऊ बागडे ने शुक्रवार को लोकभवन में उत्तर क्षेत्र सांस्कृतिक केन्द्र, पटियाला द्वारा प्रकाशित पुस्तक ‘नाट्यशास्त्र : पंचम वेद पर एकाग्र’ का लोकार्पण किया। कला-संस्कृति मर्मज्ञ डॉ. राजेश कुमार व्यास के संपादन में प्रकाशित इस ग्रंथ में देशभर के विद्वानों ने भारतीय ज्ञान परंपरा के आलोक में नाट्यशास्त्र के विभिन्न आयामों पर अपने विचार रखे हैं।
राज्यपाल बागडे ने इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि भारतीय ज्ञान परंपरा पर आधारित यह महत्वपूर्ण प्रकाशन पाठकों को नाट्यशास्त्र को समझने की नई और मौलिक दृष्टि देगा। उन्होंने ग्रंथ के संपादक डॉ. व्यास और उत्तर क्षेत्र सांस्कृतिक केन्द्र के निदेशक फुरकान खान को बधाई दी। इस अवसर पर राज्यपाल के प्रमुख विशेषाधिकारी राजकुमार सागर भी मौजूद रहे।
दरअसल, अप्रैल 2025 में नाट्यशास्त्र को यूनेस्को के प्रतिष्ठित ‘मेमोरी ऑफ द वर्ल्ड’ रजिस्टर में शामिल किया गया था। पंचम वेद कहे जाने वाले इस ग्रंथ में रस, अभिनय, संगीत, नृत्य, वेशभूषा और रंगमंच से जुड़े विस्तृत सूत्र और आख्यान शामिल हैं।
पुस्तक में डॉ. राधावल्लभ त्रिपाठी, डॉ. अर्जुन देव चारण, पुरु दाधीच, प्रेरणा श्रीमाली सहित कई विद्वानों और कला मर्मज्ञों के लेख शामिल किए गए हैं। वहीं, हजारी प्रसाद द्विवेदी और नामवर सिंह के दुर्लभ लेख भी पुस्तक की विशेषता हैं।
ग्रंथ संपादक डॉ. राजेश कुमार व्यास साहित्य, संस्कृति और नाट्यशास्त्र के क्षेत्र में देश के प्रतिष्ठित नामों में शुमार हैं। उनकी अब तक 27 मौलिक पुस्तकें प्रकाशित हो चुकी हैं और वे वर्तमान में लोकभवन में अतिरिक्त निदेशक (पीआर) के पद पर कार्यरत हैं।



