


बीकानेर। देवशयनी एकादशी के पावन अवसर पर जयपुर रोड स्थित श्री श्याम बाबा मंदिर में श्रद्धा, भक्ति और उल्लास के साथ भव्य धार्मिक आयोजन संपन्न हुआ। इस अवसर पर मंदिर परिसर में गूंजते भजन “तीन बाण के धारी, तीनों बाण चलाओ ना… मुश्किल में है दास तेरा, अब जल्दी आओ ना” ने श्रद्धालुओं को भक्ति रस में सराबोर कर दिया। पूरा मंदिर परिसर बाबा श्याम के जयघोष और भजनों से भक्तिमय वातावरण में डूबा रहा।
देवशयनी एकादशी पर दिल्ली से मंगाए गए रंग-बिरंगे एवं सुगंधित ताजे फूलों से बाबा श्याम का भव्य एवं मनमोहक श्रृंगार किया गया। मंदिर के मुख्य पुजारी चेतन शर्मा एवं किशन कुमार जोशी ने वैदिक मंत्रोच्चार के साथ बाबा का विशेष श्रृंगार संपन्न कराया। फूलों की आकर्षक सजावट और मनमोहक खुशबू से पूरा मंदिर परिसर महक उठा, जिसे देखकर श्रद्धालु भाव-विभोर हो गए।
सुबह से ही बाबा श्याम के दर्शन के लिए श्रद्धालुओं का तांता लगा रहा। दिनभर भक्तों ने भजन-कीर्तन, पूजा-अर्चना एवं आरती में भाग लेकर बाबा का आशीर्वाद प्राप्त किया। मंदिर परिसर में “हारे का सहारा, बाबा श्याम हमारा” के जयघोष लगातार गूंजते रहे और श्रद्धालु पूरे उत्साह एवं भक्ति भाव से कार्यक्रम में शामिल हुए।
विशेष श्रृंगार के उपरांत बाबा श्याम को पांच प्रकार के ताजे फलों से तैयार विशेष फ्रूट चाट का भोग अर्पित किया गया। भोग के पश्चात मंदिर में आने वाले सभी श्रद्धालुओं को प्रसाद वितरित किया गया। श्रद्धालुओं ने प्रसाद ग्रहण कर बाबा श्याम का आशीर्वाद लिया और अपने परिवार की सुख-समृद्धि एवं मंगलमय जीवन की कामना की।
मंदिर के पुजारियों ने बताया कि देवशयनी एकादशी से भगवान श्रीहरि विष्णु योगनिद्रा में प्रवेश करते हैं और चातुर्मास का शुभारंभ होता है। इस अवधि में जप, तप, भजन, सत्संग, दान एवं धर्म-कर्म का विशेष महत्व माना जाता है। इसी कारण देवशयनी एकादशी का पर्व सनातन धर्म में अत्यंत श्रद्धा और आस्था के साथ मनाया जाता है।
फूलों की मनोहारी सजावट, सुगंधित वातावरण, मधुर भजनों और श्रद्धालुओं की अपार आस्था ने पूरे श्याम दरबार को आध्यात्मिक ऊर्जा से भर दिया। देर शाम तक श्रद्धालुओं का दर्शन और पूजा-अर्चना का क्रम निरंतर चलता रहा।



