



बीकानेर । आज यूरेका इंस्टीट्यूट ऑफ साइंस में एक अत्यंत महत्वपूर्ण और प्रेरणादायक कार्यक्रम का आयोजन किया गया। सरकारी पीबीएम (PBM) अस्पताल से आई एक विशेष टीम ने संस्थान के छात्रों को नशे के खिलाफ जागरूक किया। इस सत्र का मुख्य उद्देश्य युवाओं को ड्रग्स और नशीले पदार्थों के भयावह दुष्प्रभावों के बारे में बताना और उन्हें एक स्वस्थ जीवन शैली अपनाने के लिए प्रेरित करना था।

कार्यक्रम के दौरान, PBM अस्पताल की प्रतिनिधि (वक्ता) ने छात्रों को संबोधित करते हुए कहा कि नशा न केवल किसी व्यक्ति के स्वास्थ्य को बर्बाद करता है, बल्कि उसके परिवार और समाज को भी गहरा आघात पहुंचाता है। उन्होंने छात्रों को संबोधित करते हुए स्पष्ट संदेश दिया— “Say No to Drugs” (नशे को न कहें) और “Choose Life, Not Drugs” (जीवन चुनें, नशा नहीं)।
यूरेका इंस्टीट्यूट ऑफ साइंस के छात्रों ने भी इस पहल में बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया और वक्ता के विचारों को ध्यानपूर्वक सुना। संस्थान में मौजूद डिजिटल स्क्रीन पर नशे के दुष्प्रभावों को दर्शाते हुए पोस्टर और स्लोगन प्रदर्शित किए गए, जिससे छात्रों को विजुअल रूप से भी स्पष्ट संदेश मिला।
यूरेका इंस्टीट्यूट ऑफ साइंस के निदेशक अन्शु कपूर ने बताया कि “संस्थान का उद्देश्य केवल बेहतर शिक्षा देना नहीं, बल्कि छात्रों को नशे से दूर रखकर एक स्वस्थ, जागरूक और जिम्मेदार नागरिक बनाना है।” उन्होंने PBM अस्पताल की टीम के इस प्रयास की सराहना की और कहा कि ऐसे जागरूकता कार्यक्रम आगे भी होते रहेंगे।



