चैक अनादरण मामले में आरोपी को 6 माह का कारावास

प्रशासन

एनआई एक्ट न्यायालय संख्या एक का फैसला

बीकानेर // चैक अनादरण के एक मामले में न्यायालय ने एक आरोपी को 6 माह के कारावास की सजा सुनाई है। प्रकरण के आरोपी रूपचंद पुत्र मूलचंद सरपटा निवासी हरिजनों की बडी गुवाड़ बीकानेर के विरूद्ध धारा 138 एन आई एक्ट प्रकरण में निर्णय सुनाते हुए आरोपी को दोष सिद्वि के तहत 6 माह के साधारण कारावास एव 3,60,000 रूपये प्रतिकर राशि अधिरोपित की जाकर दण्डित किया गया।

यह था मामला

संक्षेप में प्रकरण के तथ्य इस प्रकार है कि परिवादी रामकुमार पुत्र बृजेन्द जाति व्यास निवासी नृसिंह जी मन्दिर के पीछे लखोटिया चैक बीकानेर व अभियुक्त रूपचंद सरपटा की आपस में जान पहचान थी। अभियुक्त ने अपनी निजी आवश्यकताओं की पूर्ति के लिये परिवादी से 3,00,000/- रूपये नगदी दिनांक 10.08.2020 को उधार लिए थे। उक्त रकम के भुगतान के पेटे अभियुक्त ने परिवादी को दिनांक 28.12.2020 को राशि 3,00,000/- रूपये का एक अपनी विधिक उत्तरदायित्व उन्मोचन के पेटे भुगतान हेतु सुपुर्द किया। उक्त चैक को जब परिवादी ने अपनी बैंक में जमा करवाया तो आरोपी के बैंक में इतनी राशि ही नही थी। ऐसे में चैक का भुगतान न होकर अपर्याप्त निधि की टिप्पणी के साथ उक्त चैक अनादरित हो गया। इस पर परिवादी ने आरोपी को अपने अधिवक्ता गोपाल लाल हर्ष के मार्फत दिनांक 30.01.2021 को एक रजिस्टर्ड नोटिस उसके पते पर भेजा फिर भी अभियुक्त द्वारा नियत अवधि में वर्णित चैक राशि का भुगतान नहीं किया।अन्त में परिवादी ने अपने अधिवक्ता गोपाललाल हर्ष व निमिषा शर्मा के मार्फत एक परिवाद न्यायालय विशिष्ट न्यायिक मजिस्ट्रेट, एन आई एक्टप्रकरण, न्यायालय संख्या 1, बीकानेर के समक्ष प्रस्तुत किया।

न्यायालय के पीठासीन अधिकारी आशीष जयपाल द्वारा सम्पूर्ण पत्रावली व साक्ष्य सामग्री का अवलोकन कर उक्त प्रकरण का निस्तारण परिवादी के पक्ष में करते हुए अभियुक्त रूपचंद सरपटा पुत्र मूलचंद सरपटा निवासी हरिजनों की बडी गुवाड़,बीकानेर के विरूद्ध उक्त प्रकरण साबित मानते हुएअभियुक्त को छः माह के साधारण कारावास व 3,60000/-रूपये प्रतिकर राशि के रूपमें दण्डित किया।