



बीकानेर // जस्सूसर गेट के बाहर पाराशर भवन मे आयोजित श्रीमद भागवत कथा के आज छठे दिन बुधवार को कथा व्यास पंडित बृजलाल शर्मा ने गोपी संवाद, कंश वध ओर कृष्ण रुखमणी विवाह आदि प्रसंगो की कथा सुनाई।
महाराज जी ने कहा भजन ओर भक्ति मे दिखावा नहीं करना चाहिए। भक्ति सिखनी है तो गोपियों से सीखो। परलोक सुधारने के लिए धर्म मार्ग पर चलना चाहिए। उन्होंने कहा कि आज के युग मे मनुष्य सुबह से शाम तक जीवन मे जीवनभर अर्थ पीछे दौड़ रहा है जबकि मानव जीवन की सार्थकता प्रभु भक्ति मे है।
इस अवसर पर श्रीकृष्ण-रुखमणी विवाह विधि विधान से सम्पन्न हुवा। भवन के दूसरे भाग से सजी धजी बारात आई। झांकी विशेषज्ञ माधुरी ओर मंजू ने शानदार सजावट की।
कृष्ण रुखमणी विवाह के पात्र बने श्रीकृष्ण के रूप मे निखिल व्यास संग वधु रुखमणी के रूप मे दीक्षा व्यास का विवाह पंडित बृज लाल शर्मा व शिवजी की टीम मंत्रोचार से करवाया।महारास राधा कृष्ण की झांकी
मे राधा की पात्रता मोक्षिका ओर कृष्ण की पात्रता माही ने निभाई । इस श्रीमद भागवत कथा का आयोजन मीरा देवी व्यास (पारीक) रानी बाजार द्वारा करवाया जा रहा है। बड़ी संख्या में श्रद्धालु इस आयोजन को देखने उमंड रहे हैं।



