राजस्थान में अब हर जोन में होंगे रेटिंग शतरंज टूर्नामेंट

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बीकानेर में हुई राजस्थान शतरंज संघ की साधारण सभा, 7 जोन बनाकर प्रतियोगिताएं कराने का फैसला; खिलाड़ियों को अंतरराष्ट्रीय मंच दिलाने पर जोर

बीकानेर // राजस्थान शतरंज संघ की साधारण सभा की बैठक शनिवार को स्थानीय होटल कला मंदिर में संघ के अध्यक्ष लक्ष्मण राघव की अध्यक्षता में आयोजित हुई। बैठक में प्रदेश के 28 जिलों के प्रतिनिधियों ने भाग लिया। इसमें राजस्थान को सात जोन में विभाजित कर प्रत्येक जोन में 50 हजार रुपए की पुरस्कार राशि वाला एक-एक रेटिंग शतरंज टूर्नामेंट आयोजित करने का महत्वपूर्ण प्रस्ताव सर्वसम्मति से पारित किया गया।

बैठक में कहा गया कि राज्य के खिलाड़ियों को अंतरराष्ट्रीय रेटिंग टूर्नामेंट खेलने के पर्याप्त अवसर नहीं मिल रहे हैं, जिससे वे राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन नहीं कर पा रहे हैं। इसी को ध्यान में रखते हुए संघ ने निर्णय लिया कि प्रत्येक जोन में आयोजित होने वाले टूर्नामेंट की आधी राशि राजस्थान शतरंज संघ और शेष राशि आयोजक वहन करेंगे। साथ ही राज्य स्तरीय प्रतियोगिताओं को भी रेटिंग टूर्नामेंट के रूप में आयोजित करने के प्रयास किए जाएंगे।

बैठक की शुरुआत संघ सचिव विनेश शर्मा ने अध्यक्ष की अनुमति से की। नागौर बैठक के मिनट्स का अनुमोदन किया गया तथा वर्ष 2024-25 के अंकेक्षित खातों को पारित किया गया। आगामी वर्ष के टूर्नामेंट कैलेंडर को भी अंतिम रूप दिया गया।

बैठक में जिला संघों में होने वाले आंतरिक विवादों के समाधान के लिए पंचनिर्णय व्यवस्था लागू करने, प्रतियोगिताओं में ड्रेस कोड एवं प्रमाण पत्रों की प्रमाणिकता सुनिश्चित करने तथा पांच लाख रुपए से अधिक राशि के टूर्नामेंट पर आयोजकों से बैंक गारंटी लेने का प्रस्ताव भी पारित किया गया। खिलाड़ियों, निर्णायकों और प्रशिक्षकों के लिए विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित करने पर भी सहमति बनी।

संघ के कोषाध्यक्ष शैलेष गुप्ता ने वर्ष 2026-27 का प्रस्तावित बजट प्रस्तुत किया, जिसे ध्वनिमत से पारित किया गया।

शतरंज को विश्व पटल पर स्थापित करना है – लक्ष्मण राघव

अपने अध्यक्षीय उद्बोधन में लक्ष्मण राघव ने कहा कि संघ का उद्देश्य राजस्थान के बच्चों और शतरंज को विश्व पटल पर स्थापित करना है। उन्होंने बताया कि पिछली कार्यकारिणी ने 38 लाख बच्चों को एक साथ शतरंज बोर्ड पर बैठाकर विश्व रिकॉर्ड बनाया था और अब 76 लाख बच्चों को जोड़ने का लक्ष्य रखा गया है। साथ ही फीडे के “चेस इन स्कूल” कार्यक्रम को राज्य की हर स्कूल तक पहुंचाने का प्रयास किया जाएगा।

इस दौरान अखिल भारतीय शतरंज संघ के उपाध्यक्ष महावीर रांका ने भी बैठक में पहुंचकर राज्य संघ को हरसंभव सहयोग देने का आश्वासन दिया। बैठक के अंत में अध्यक्ष ने सभी जिला प्रतिनिधियों और सदस्यों का आभार व्यक्त किया।