भावनाओं के गहरे समन्दर को प्रभावी तरीके से निगाहों से उकेरते हैं डाॅ. आचार्य के मुक्तक
डाॅ. हरिशंकर आचार्य की पांचवीं पुस्तक ‘निगाहों के समंदर में’ का हुआ विमोचन बीकानेर // ‘निगाहों के समंदर में’ में मन के अहसासों की बारीक बुनावट और अनुभवों की गहराई है। संग्रह में ग़म और ख़ुशी, मिलना-बिछड़ना, शिकवा-शिकायत, तन्हाई और महफिल, वफ़ा और धोखा, सहरा, जंगल और शहर सहित ज़िंदगी के तमाम रंग और ख़ुश्बू […]
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